Saturday, 14 September 2024


नभ में दीप्त मित्रवर जिनके,
उन जलद घनों को फिर क्या बोलें ।
धरती माँ की हरीतिमा संग,
नीड़ सुखद वितान के खोलें ।। 


 

और चले जाना उस हद तक,
जिसके आगे राह नहीं है.....





 

हरहर महादेव




 

Sunday, 21 July 2019

Friday, 23 November 2018

वसुंधरा की अभिव्यक्ति

वसुंधरा की अभिव्यक्ति- एक
धरती की बेटी हूँ मैं,
मैं हूँ धरती की बेटी,
रचती नित-नूतन,
निज मन की,
हर सुंदर,
अभिव्यक्ति...।